भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लेन-देनों का नया रिकॉर्ड टूटने के कगार पर

भारत में डिजिटल लेन-देन में तेज़ उछाल देखा गया है और यूपीआई एक नए मासिक लेन-देन रिकॉर्ड को छूने की स्थिति में है।

 


भारत में इस अक्टूबर महीने में यूपीआई प्रणाली द्वारा किए गए लेन-देन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। विश्लेषकों के मुताबिक इस बढ़ोतरी के पीछे प्रमुख कारण हैं — दीपावली के बाद की खरीददारी में तेजी, वस्तु एवं सेवा कर में कमी, और उपभोक्ताओं का डिजिटल भुगतान की ओर झुकाव।
विश्लेषण बताते हैं कि प्रतिदिन लेन-देन के मूल्य में लगभग 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और प्रतिदिन लेन-देन की संख्या 740 मिलियन तक पहुँच गई है। अगर यह रुझान जारी रहा, तो यह संभव है कि यूपीआई मासिक लेन-देन मूल्य पहली बार 28 लाख करोड़ रुपये को पार कर जाए, जो पहले लगभग 25 लाख करोड़ रुपये था।
यह बदलाव इस ओर इशारा करता है कि भारत में आर्थिक गतिविधियां, विशेषकर त्योहारों और उपभोक्ता खर्च के समय, डिजिटल माध्यमों से तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। इसके साथ ही बैंकों की संरचना, मोबाइल अनुप्रयोगों और भुगतान नेटवर्क को भी मज़बूत करने की आवश्यकता है ताकि इस बढ़ती मांग को सुरक्षित और सुचारू रूप से संभाला जा सके। आने वाले समय में यह देखना होगा कि बैंकिंग और भुगतान नेटवर्क के लिए कौन-सी नई चुनौतियाँ सामने आती हैं और सरकार तथा वित्तीय संस्थान उन्हें किस प्रकार प्रबंधित करते हैं।

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