द गार्डियन और एनपीआर के अनुसार, यूक्रेन और रूस के बीच तुर्की में 15 मई 2025 को संभावित शांति वार्ता की चर्चा जोरों पर है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि वह तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन से मिलेंगे और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शामिल होने का इंतज़ार करेंगे। ज़ेलेंस्की ने कहा, "अगर पुतिन नहीं आते, तो इसका मतलब है कि वह युद्ध खत्म नहीं करना चाहते।
12 मई को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह इस वार्ता में शामिल होने के लिए तुर्की जाने पर विचार कर रहे हैं, अगर उन्हें यह "मददगार" लगा। रूस ने मांग की है कि वार्ता में यूक्रेन का नाटो सदस्यता छोड़ना और चार दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों के रूसी कब्जे को मान्यता देना शामिल हो। यूक्रेन ने इन शर्तों को अस्वीकार किया है, लेकिन वार्ता को एक मौके के रूप में देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इस वार्ता को युद्ध समाप्ति की दिशा में कदम बताया, जबकि अन्य ने इसे रूस की रणनीति माना। यह खबर वैश्विक भू-राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना है।





