पश्चिम बंगाल
कोलकाता हाईकोर्ट ने मतदान सूची पुनरीक्षण पर चुनाव आयोग से 10 दिन में जवाब मांगा
मतदान सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर दायर जनहित याचिका पर कोलकाता उच्च न्यायालय ने राज्य चुनाव आयोग से 10 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।
याचिका में आरोप लगाया गया कि आयोग ने पुराने डाटा (2002 की मतदाता सूची) के आधार पर काम शुरू किया है, जिससे नए मतदाताओं को जोड़े जाने में भारी विसंगति हो रही है। न्यायालय ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मतदाता सूची की शुद्धता अत्यंत आवश्यक है। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने चुनाव आयोग को 19 नवंबर तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि यदि प्रक्रिया में अनियमितता पाई गई, तो राज्य स्तर पर पुनः सत्यापन कराना पड़ सकता है। इस मामले पर अगली सुनवाई अगले सप्ताह निर्धारित की गई है।





