पराली जलाने की घटनाओं में कमी, प्रदूषण नियंत्रण में सुधार के संकेत
राज्य में पिछले कुछ दिनों से फसल अवशेष यानी पराली जलाने की घटनाओं में कमी दर्ज की गई है, जिससे वायु प्रदूषण नियंत्रण में सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के कृषि और पर्यावरण विभाग द्वारा जारी आंकड़ों में बताया गया कि बीते चार दिनों में पराली जलाने की घटनाओं में उल्लेखनीय गिरावट आई है। किसानों द्वारा पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाने और सरकारी योजनाओं के तहत उपकरण वितरण से यह सुधार संभव हुआ है।
राज्य के कई जिलों में किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के उपकरण रियायती दर पर दिए गए हैं। इससे न केवल प्रदूषण में कमी आई है बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता भी बेहतर बनी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रवृत्ति अगर जारी रही तो राज्य में प्रदूषण स्तर में स्थायी सुधार देखने को मिल सकता है।





