हरियाणा
कृषि अवशेष जलाने में बड़ी गिरावट, हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएँ 50% तक कम हुईं
इस वर्ष हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएँ पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 50% कम दर्ज की गई हैं—उसमें सिर्फ 122 मामले सामने आए हैं।
पंजाब-हरियाणा क्षेत्र के कृषि अवशेष (स्टबल बर्निंग) को लेकर इस वर्ष जनवरी से नवंबर की अवधि में सैटेलाइट एवं निगरानी डेटा के अनुसार हरियाणा में 122 घटनाएँ दर्ज हुईं—जो पिछले वर्ष की 838 की संख्या से काफी कम हैं। इस कमी को राज्य-सरकार, स्थानीय पुलिस, कृषक उद्यम व केंद्र-राज्य नीति सहयोग की सफलता माना जा रहा है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि यह सुधार मौसम-प्रबंधन, वायु-प्रदूषण नियंत्रण ओर धुआँ कम करने की रणनीति में कामयाबी का संकेत है। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की वायु गुणवत्ता अभी भी चिंताजनक बनी हुई है, इसलिए इस दिशा में पूरी सतर्कता जारी है।





