आवाज़ प्रदूषण मामले में सीसीटीवी फुटेज की सुरक्षा पर हाई कोर्ट का फ़ोकस
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने खुद संज्ञान लेकर निर्णय लिया है कि त्योहारों और मूर्ति विसर्जन जैसे सार्वजनिक आयोजनों के दौरान noise pollution के उल्लंघन की जांच में सीसीटीवी फुटेजों को सुरक्षित रखना अत्यावश्यक है। अदालत को बताया गया कि रायपुर में 783 सक्रिय कैमरे हैं, और उन कैमरों की रिकॉर्डिंग विशेष तिथियों पर संभावित उल्लंघन को पकड़ने में सहायक हो सकती है।
अदालत के समक्ष प्रमुख सचिव ने हलफ़नामा दाखिल किया है जिसमें यह बताया गया कि 1985 के “कोलाहल अधिनियम” को 2000 के नियमों के अनुरूप संशोधित करने की प्रक्रिया चल रही है। पर्यावरण संरक्षण बोर्ड ने इस दिशा में ड्राफ्ट तैयार किया है और गृह विभाग द्वारा इसकी समीक्षा की जा रही है। अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को निर्धारित की गई है जहाँ अदालत को यह रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी कि किन बदलावों से नियम अधिक प्रभावी होंगे और कैसे उल्लंघन के खिलाफ न्यायालयीन प्रक्रिया सुनिश्चित होगी।





