पूजा पाठ

शनि जयंती और बड़ा मंगल का उत्सव समाप्त, भक्तों ने की विशेष पूजा

विवरण: मंगलवार (27 मई 2025) को देशभर में शनि जयंती और बड़ा मंगल (बुधवा मंगलवार) का पर्व धूमधाम से मनाया गया। ज्येष्ठ मास में पड़ने वाला यह मंगलवार भगवान हनुमान और शनि देव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। 

 

 

 

शनि जयंती पर भक्तों ने शनि मंदिरों में सरसों के तेल, काले तिल, और लोहे की वस्तुओं से पूजा की, साथ ही "ॐ शं शनैश्चराय नमः" मंत्र का 108 बार जाप किया। बड़ा मंगल के अवसर पर, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में, हनुमान मंदिरों में भंडारे और सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। कई भक्तों ने शनि दोष और मंगल दोष से मुक्ति के लिए व्रत और दान किए। यह संयोग विशेष रूप से शक्तिशाली माना गया, क्योंकि मंगलवार को हनुमान जी की पूजा शनि के प्रभाव को कम करने में सहायक मानी जाती है। यह खबर धार्मिक उत्सवों की विविधता और भक्तों की श्रद्धा को दर्शाती है।

 प्रभाव: इन उत्सवों ने मंदिरों में भक्तों की भीड़ बढ़ाई और सामुदायिक भक्ति को प्रोत्साहित किया। यह स्थानीय व्यापारियों, विशेष रूप से पूजा सामग्री और प्रसाद विक्रेताओं, के लिए लाभकारी रहा। हालांकि, कुछ स्थानों पर भीड़ के कारण यातायात और व्यवस्था की समस्याएँ देखी गईं। यह पर्व धार्मिक सहिष्णुता और परंपराओं को भी दर्शाता है।
 

अपडेट: बुधवार को मंदिरों में भक्तों की संख्या सामान्य रही, लेकिन भंडारों का आयोजन कुछ जगहों पर जारी रहा।


 

 

 

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