विवरण: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (26 मई 2025) को तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (TASMAC) के कार्यालयों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद शुरू की गई जाँच पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि ED ने अपनी सीमाएँ लाँघी हैं और एक निगम पर अपराध का आरोप लगाना गलत है।
यह मामला शराब बिक्री और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। कोर्ट ने ED को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है। तमिलनाडु सरकार ने इस फैसले का स्वागत किया, जबकि ED ने कहा कि वह कानूनी प्रक्रिया का पालन करेगी। यह खबर भारत में केंद्रीय एजेंसियों और राज्यों के बीच तनाव को दर्शाती है।
प्रभाव: इस फैसले ने तमिलनाडु सरकार को राहत दी है और केंद्रीय एजेंसियों की शक्तियों पर सवाल उठाए हैं। यह केंद्र-राज्य संबंधों पर चर्चा को तेज करेगा और अन्य राज्यों में समान मामलों को प्रभावित कर सकता है। यह कानूनी और प्रशासनिक पारदर्शिता की माँग को भी उजागर करता है।
अपडेट: मंगलवार को तमिलनाडु सरकार ने कोर्ट के फैसले को लोकतंत्र की जीत बताया।





